रायगढ़। जगदलपुर में इंद्रावती नदी के पुल से एक 17 साल का नाबालिग कूद गया है, जिसकी तलाश लगातार जारी है। फिलहाल अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पुल पर स्कूटी मिली है, जिससे नदी में ही कूदने की संभावना है। फिलहाल तलाश जारी है। मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। बताया जा रहा है कि नाबालिग रायगढ़ का रहने वाला है। वो अपनी नानी के घर जगदलपुर आया हुआ था। गुरुवार की सुबह करीब 9 बजे घर से निकल गया था, तब से लगातार उसकी तलाश जारी है। घर वालों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। वहीं शुक्रवार को इंद्रावती नदी पुल के पास स्कूटी मिली, जिसके बाद से अंदेशा लगाया जा गया कि वह नदी में कूद गया है, जिसके बाद पुलिस ने एसडीआरएफ की टीम को इसकी जानकारी दी। वहीं टीम मौके पर पहुंची। जिसके बाद से लगातार उसकी तलाश जारी है। आज शुक्रवार की शाम तक अब उसका कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तलाश जारी है।
इस संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक रायगढ़ निवासी 17 वर्षीय अंशु श्रीवास्तव पिता अमित श्रीवास्तव पखवाड़े भर पूर्व जगदलपुर अपने नाना-नानी के यहां गया था। उसने एक वाट्सएप मैसेज करते हुए सुसाईड करने की बात लिखी थी। मैसेज पढऩे के बाद घबराये परिजनों ने उससे संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन अंशु का मोबाईल फोन लगातार बंद आ रहा है। इधर मैसेज भेजने के बाद अंशु अपनी स्कूटी लेकर गुरूवार की सुबह तकरीबन 8 बजे किसी को बिना बताए घर से निकला था जिसके बाद से वह लापता है। वहीं परिजनों ने उसकी काफी खोजबीन की परंतु कहीं पता नहीं चला। शुक्रवार की सुबह जगदलपुर के इंद्रावती नदी पर बने नये पुल के पास उसकी स्कूटी लावारिस हालत में खड़ी मिली। इस पर अंशु के खुदकुशी करने के इरादे से नदी में छलांग लगा देने की संभावना जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि नदी में उसकी खोज के लिए पुलिस टीम के साथ एसडीआरएफ की टीम भी जुटी हुई है। फिलहाल अंशु के बारे में अब तक कोई भी जानकारी नहीं मिल पाई है । अंशु ने वाट्सएप पर जो सुसाईड नोट भेजा है उसमें उसने लिखा है कि नहीं कर पाया मैं कुछ भी और इसमें आपकी कोई गलती नहीं है। मै फेलवर हंू, वास्तव में एक फेलवर। ध्यान रखना अपना और मेरी कसम रोना बिल्कुल नहीं। प्लीज अयान का ध्यान रखना मेरा भाई है वो और मुझे भूल जाना। ध्यान रखना और रोना नहीं सॉरी….. मैं उन सभी तरीकों के लिए बहुत माफी चाहता हूं जिनमें मैं कम पड़ गया, उस चिंता, दर्द और निराशा के लिए जो मैंने शायद जो दुख आपको दिया हो। मेरे माता-पिता, मुझे उम्मीद है कि आप समझेंगे कि मैंने जो भी फैसला लिया, जो भी गलती की, वह कभी भी लापरवाही से नहीं थी, बल्कि कन्फ्यूजन और डर की वजह से थी। कृपया मेरी गैरमौजूदगी को अपने दिलों पर ज्यादा भारी न पडऩे दें – पूरी तरह से जीएं, अपना ख्याल रखें, और जानें कि मैंने हमेशा आपसे बहुत ज्यादा प्यार किया है। मेरे भाई, मज़बूत बनो, फोकस करो, और अपने सपनों का पीछा उसी जुनून से करो जिसे मैं हमेशा बनाए नहीं रख सका, मुझे तुम पर गर्व है और मैं हमेशा तुम पर विश्वास करूंगा। मेरे परिवार, मुझे जो प्यार, देखभाल और सब्र आपने दिया, उसके लिए धन्यवाद, खासकर तब जब मैं आपकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया। मुझे बोझ बनने, निराशा, हताशा और कमजोरी के पलों के लिए माफ कर देना। मेरे दिल में आप सभी के लिए आभार और प्यार है, और मुझे उम्मीद है कि आप मुझे उन मुश्किलों के लिए याद नहीं करेंगे जिनका मैंने सामना किया, बल्कि उस ईमानदारी और स्नेह के लिए याद करेंगे जो मैंने चुपचाप अपने दिल में रखा। अपना ख्याल रखना, एक-दूसरे की रक्षा करना, और जो ठीक नहीं हो सका, उसके लिए बिना किसी पछतावे के हिम्मत से जीना।

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