छत्तीसगढ़ में राम वन गमन पथ योजना को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है l सोशल ऑडिट के लिए बनी समिति खुद ही सवालों में है l हैरानी की बात यह है कि समिति के अध्यक्ष को ही नहीं पता कि उनकी अध्यक्षता में कोई कमेटी बनाई गई है l
राम वन गमन पथ योजना पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की एक महत्वकांक्षी योजना थी, जिसके तहत प्रदेश के 7 प्रमुख स्थानों का चयन किया गया था l इन जगहों में विकास कार्यों के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च किए गए l सरकारी आंकड़ों के मुताबिक प्रतिमाओं के निर्माण में ही लाखों-करोड़ों रुपए खर्च कर दिए गए,लेकिन सोशल ऑडिट अब तक अधर में लटका हुआ है l दरअसल सामान्य प्रशासन विभाग ने 10 जनवरी 2025 को सोशल ऑडिट समिति बनाई थी जिसके अध्यक्ष बीजेपी के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर बनाए गए, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि खुद अजय चंद्राकर को ही इसकी जानकारी नहीं है lवरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कमेटी के अध्यक्ष होने की अभी भी मुझे जानकारी नहींl विधासभा के प्रश्नों के जरिए पता चला कि मैं अध्यक्ष हूं lकौन बैठक आहूत करेगा यह भी नहीं मालूम l बहरहाल राम वन गमन परिपथ करोड़ों की योजना थी जो अब सवालों के घेरे में है l सोशल ऑडिट के लिए बनाई गई समिति एक साल बाद भी कागज़ों से बाहर नहीं निकल पाई है l हैरानी की बात यह है कि इस समिति के अध्यक्ष बनाए गए विधायक अजय चंद्राकर को ही नहीं पता कि उनकी अध्यक्षता में कोई कमेटी बनी है,ऐसे में बड़ा सवाल यह भी है कि जब जिम्मेदारों को ही जानकारी नहीं तो आखिर सोशल ऑडिट कैसे होगा और करोड़ों के खर्च का हिसाब कौन देगा?

