रायपुर प्रवास पर पंहुचे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मीडिया से हुई चर्चा में धर्म के नाम पर चल रही राजनीति के विषय में कहा कि बीजेपी को केवल धर्म की राजनीति करना है न कि धर्म का पोषण l गौ माता के लिए कानून की मांग की गई थी,लेकिन वह मांग भी पूरी नहीं हुई l आपको धर्म का काम नहीं करना है केवल राजनीति करना स्वीकार हैl vhivवक्फ बोर्ड की तरह सनातन बोर्ड बनाने की उठ रही मांग पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि हम नकलची नहीं हैं, वक्फ बोर्ड की तरह कुछ नहीं होगा l वक्फ बोर्ड ने ऐसा कोन सा बड़ा काम कर डाला जो उसकी तरह सनातन बोर्ड बनाने की मांग की जा रही है l यह बोलना ही गलत है वक्फ की तरह सनातन बोर्ड बने l मध्य प्रदेश के धार्मिक शहरों में शराबबंदी और छत्तीसगढ़ में शराबबंदी के मामले पर उन्होंने कहा कि धार्मिक शहर की क्या परिभाषा है, किस शहर में मंदिर नहीं है?बताइए किस शहर में धर्म का पालन करने वाले लोग नहीं है? क्या मध्य प्रदेश के कुछ ही शहर ही धार्मिक है? बाकी जगहों पर क्या शराब पीने की छूट दी जाएगी l धार्मिक होने का यह दिखावा है l धार्मिक होना है तो 365 दिन होना होता है l शराब यदि गंदी है तो उसे पूर्णता बंद होनी चाहिए l इसके साथ ही शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की नक्सलीयों से मुख्यधारा में आने की अपील की l नक्सलवाद को लेकर शंकराचार्य ने कहा कि पिछले कई सालों से नक्सली गोलीबारी कर रहे क्या हासिल हुआ?इससे स्पष्ट है नक्सलियों का रास्ता पूरी तरह फेल हो चुका है l हम नक्सलियों से कहना चाहते हैं हथियार छोड़ मुख्यधारा में आएं l जंगलों में हथियार लेकर घूमना किसी समस्या का हल नहीं है l

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