EWS मकानों से 300 की जगह 600 रुपये समेकित कर वसूली पर नया खुलासा……..नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया ने परिषद के निर्णय के विरुद्ध वसूली का लगाया आरोप

रायगढ़। नगर पालिक निगम रायगढ़ में टैक्स वसूली को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। जलकर वसूली के मुद्दे को उठाने के बाद अब नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया ने एक और बड़ा खुलासा करते हुए निगम प्रशासन पर परिषद के निर्णय के विपरीत टैक्स वसूली करने का आरोप लगाया है। और यह भी कहा कि यह किसके संरक्षण में करो कि अवैध वसूली हुई यह जांच का विषय है। सलीम नियारिया ने वर्ष 2018 में नगर निगम परिषद द्वारा पारित प्रस्ताव का हवाला देते हुए बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के आवासों के लिए स्पष्ट प्रावधान किया गया था कि ऐसे मकानों को संपत्ति कर से मुक्त रखा जाएगा। साथ ही जलकर के साथ लगने वाला समेकित कर 600 रुपये के स्थान पर केवल 300 रुपये प्रतिवर्ष निर्धारित किया गया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि परिषद के इस निर्णय के बावजूद निगम प्रशासन EWS मकान मालिकों से 600 रुपये समेकित कर वसूल रहा है। इतना ही नहीं कई हितग्राहियों से संपत्ति कर भी वसूला गया, जबकि परिषद के निर्णय के अनुसार उन्हें इससे छूट प्राप्त है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि 2018 के परिषद निर्णय में आज तक कोई संशोधन नहीं किया गया है। यदि EWS आवास का मालिक अपने मकान का निर्माण ऊपर की ओर बढ़ाता है, तब भी वह केवल इस आधार पर संपत्ति कर के दायरे में नहीं आता। परिषद का निर्णय स्पष्ट रूप से ऐसे हितग्राहियों को संपत्ति कर से मुक्त रखने का प्रावधान देता है और समेकित कर 600 रु की जगह 300 रु लेने का प्रावधान है। उन्होंने यह भी कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर EWS हितग्राहियों से सम्पत्ति कर भी वसूला गया है कई मामले उनके संज्ञान में आया है। नेता प्रतिपक्ष सलीम नियरीया ने कहा कि वर्ष 2018 में जो प्रस्ताव लाया गया था उसकी विवरणिका की कंडिका 5 और 6 का पालन कराना चाहिए और इसकी जिम्मेदारी निगम आयुक्त की होती है। 5 सौ वर्गफीट के कच्चे मकान और EWS के लिए जलकर 720 रु वार्षिक और समेकित कर 300 रु वार्षिक लिये जाने का प्रावधान है। लेकिन निगम द्वारा सिर्फ जलकर ही नहीं समेकित कर भी प्रवधान के खिलाफ जाकर वसूला गया है। निगम आयुक्त को तत्काल में इस मामले त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए। सलीम नियारिया ने निगम प्रशासन से परिषद के निर्णय का पालन करते हुए प्रावधान के अनुसार वसूले गए कर की समीक्षा किया जाए तथा पात्र हितग्राहियों से की गई अतिरिक्त वसूली को आने वाले वर्षों में समायोजन करते हुए हितग्राहियों को सूचित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि नियमों की अनदेखी जारी रही तो इस मुद्दे को जनहित में और व्यापक स्तर पर उठाया जाएगा।