रायगढ़ l नगर निगम में नए वित्तीय वर्ष 2026 – 27 के लिए सोमवार को बजट पेश किया गया। महापौर जीवर्धन चौहान ने 480 करोड़ रुपए का बजट पेश किया जो कि 22 करोड़ रुपए लाभ का बजट है। पिछले बजट के कई कार्य शुरू भी नहीं हुए है इस बात को लेकर नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाया जिस पर महापौर व नेता प्रतिपक्ष में तीखी नोक झोंक हुई l वहीं वरिष्ठ भाजपा पार्षद आशीष ताम्रकार व शरद सराफ ने निगम अधिकारियों पर मनमानी ढंग से कार्य करने का आरोप लगाया l वहीं पार्षद शरद सराफ ने जिंदल से लिए जा रहे टैक्स पर सवाल खड़े किये तो वहीं सेठ किरोड़ीमल धर्मादा ट्रस्ट की व्यवसायिक उपयोग वाली सम्पत्ति से कर लेने का सुझाव दिया l
महापौर जीवर्धन चौहान ने अपने कार्यकाल का दूसरा बजट निगम में पेश किया । नए बजट में टैक्स और अन्य माध्यमों से निगम की कुल आय 480.36 करोड़ होगी जबकि विभिन्न योजनाओं पर 458.11 करोड़ रुपए खर्च करने का प्रस्ताव रखा गया है। नए बजट में 10 नई सड़कों का निर्माण तालाबों का सौंदर्यीकरण, संजय मार्केट का निर्माण, स्टेडियम का रिनोवेशन, शहर के आउटर में ट्रकों के लिए पार्किंग, चांदनी चौक से सर्किट हाउस तक नई सड़क निर्माण, बड़े रामपुर इलाके में खेल मैदान, जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल की गई है। महापौर ने बजट पेश करने के दौरान यह दावा किया कि बजट शहर के सर्वांगीण विकास और आम जनता की जरूरतों पर केंद्रित है। वहीं बजट में किए गए प्रावधानों को लेकर विपक्ष में बैठी कांग्रेस ने केवल कागजी घोड़े दौड़ा कर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया । कांग्रेस का कहना था कि पिछले बजट में की गई अधिकांश घोषणाएं कब तक अमल में नहीं लाई गई है। शहर सरकार ने टैक्स में छूट का दावा किया था लेकिन वर्तमान में संपत्ति कर से ज्यादा लोगों से यूजर चार्ज लिया जा रहा है। बजट की घोषणाएं सिर्फ कागजों तक सीमित है। यह सरकार लोक लुभावना बजट बताकर न सिर्फ वादा खिलाफी कर रही है बल्कि आम जनता को छल रही है।