रायगढ़। जिले की चार विधानसभा में से भले ही तीन पर कांग्रेस का कब्जा है लेकिन नयी कार्यकारणी बनने के बाद से कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी अब सतह पर दिखाई देने लगी है l एक ओर जहां नगर निगम में कांग्रेस पार्षदों की संख्या काफी कम है तो वहीं दुसरी ओर परिषद की बैठक में कांग्रेस के पार्षद अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कराते है जिससे नेता प्रतिपक्ष अलग थलग नज़र आते हैं l वहीं चाहे ग्रामीण की बात करें या शहर की दोनों में ही कार्यकारणी गठन में माथा देख कर तिलक करने का आरोप भी लग रहा है l यही वजह है कि पुराने कार्यकर्ता संगठन से दुरी बना लिए हैं l कुछ लोग आते भी हैं तो केवल औपचारिकता निभाने l वर्तमान नेतृत्व आपसी सामंजस्य बनाने में सक्षम नज़र नहीं आ रहा है l बात स्थानीय स्तर तक हो तो कोई फर्क नहीं लेकिन संगठन से नाराजगी इस कदर कि पदाधिकारी प्रदेश स्तर के निर्देशों का पालन भी नहीं कर रहे हैं, यहां तक कि पीसीसी अध्यक्ष के कार्यक्रमों में उनकी किसी प्रकार की सहभागिता नज़र नहीं आ रही है l ऐसा ही एक मामला घरघोड़ा ब्लॉक में सामने आया है l जिला कांग्रेस कमेटी रायगढ़ (ग्रामीण) द्वारा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर घरघोड़ा ब्लॉक अध्यक्ष शिव शर्मा को जारी कारण बताओ नोटिस ने संगठन के भीतर लंबे समय से चल रही नाराजगी को खुलकर सामने ला दिया है। नोटिस में उल्लेख किया गया है कि प्रदेश कांग्रेस के “हाथ से हाथ जोड़ो अभियान” के तहत 22 मार्च को ब्लॉक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया, साथ ही घरघोड़ा के वार्ड क्रमांक 7 में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में भी उनकी उपस्थिति और सहयोग का अभाव रहा। इसे अनुशासनहीनता मानते हुए 3 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। जबकि इस कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज स्वयं उपस्थित थे। नोटिस के बाद अब यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि क्या यह केवल एक दिन की चूक है या फिरलंबे समय से चली आ रही निष्क्रिय कार्यशैली अथवा संगठन के प्रति नाराजगी का परिणाम है । स्थानीय कार्यकर्ताओं में नाराजगी इस कदर बढ़ चुकी है कि अब खुलकर यह सवाल उठ रहा है कि क्या वर्तमान नेतृत्व के कारण नए कार्यकर्ता कांग्रेस से जुड़ ही नहीं पा रहे? क्या संगठन का दायरा लगातार सिमटता जा रहा है? सूत्रों के अनुसार इस पूरी स्थिति को प्रदेश स्तर पर भी संज्ञान में लिया गया है। बताया जा रहा है कि प्रदेश नेतृत्व द्वारा क्षेत्रीय गतिविधियों का अवलोकन करने के बाद ही जिला स्तर पर सख्ती के संकेत दिए गए हैं l मौजूदा हालात को देखते हुए यह मामला अब केवल एक नोटिस तक सीमित नहीं माना जा रहा। यह पूरे संगठन की कार्यप्रणाली, नेतृत्व की विश्वसनीयता और भविष्य की दिशा पर बड़ा सवाल बन चुका है। अब नजर इस बात पर है कि शिव शर्मा इस नोटिस का क्या जवाब देते हैं और क्या संगठन इस बढ़ते असंतोष के बीच कोई ठोस निर्णय लेता है l

