इस साल होली की तारीख को लेकर लोगों में बड़ा भ्रम फैल गया है l कोई 3 मार्च तो कोई 4 मार्च को होलिका दहन बता रहा हैं l दरअसल, ये सारी कन्फ्यूजन होली के समय लग रहे चंद्र ग्रहण और भद्रा काल के कारण हो रही है l होली के दौरान लगने वाला चंद्र ग्रहण भारत में भी दिखने वाला है इसलिए लोग इसे लेकर और भी ज्यादा गंभीर हो गये हैं l ऐसे में महामाया पंचांग के अनुदार इस साल 2 और 3 मार्च की दरमियानी रात होलिका दहन करना ज्यादा सही रहेगा l ज्योतिष शास्त्र और निर्णय सिंधु ग्रंथ के आधार पर 2 मार्च को फाल्गुन शुक्ल चतुर्दशी है तथा इस तिथि पर भद्रा भी पड़ रही है l भद्रा का समापन रात के समय होगा इसलिए भद्रा समाप्त होने के बाद या भद्रा पुंछ काल में होलिका दहन किया जा सकता है l बताया जा रहा है कि 2 मार्च की मध्यरात्रि 12 बजकर 50 मिनट से 2 बजकर 2 मिनट के बीच होलिका दहन का श्रेष्ठ मुहूर्त रहेगा l चंद्र ग्रहण समाप्त होने के बाद अगले दिन यानी 4 मार्च को धुलंडी यानी रंग वाली होली खेली जाएगी।

