इस्कॉन प्रचार केंद्र रायगढ़ का जन्माष्टमी महामहोत्सव 4 से……….तीन दिन गूंजेगा ‘हरे कृष्ण-हरे राम’ का महामंत्र

raigarh भगवान श्रीकृष्ण के पावन प्राकट्य दिवस को लेकर रायगढ़ एक बार फिर भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास में डूबने को तैयार है। इस्कॉन प्रचार केंद्र रायगढ़ द्वारा 4 से 6 सितंबर तक तीन दिवसीय श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महामहोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस बार आयोजन को पिछले वर्षों की तुलना में और भी भव्य एवं व्यापक स्वरूप दिया गया है। तीन दिनों तक रायगढ़ में भक्ति, हरिनाम संकीर्तन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और आध्यात्मिक आयोजनों की श्रृंखला चलेगी, जिसमें शहर के श्रद्धालुओं के साथ प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों तथा देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले भक्त भी शामिल होंगे। इस्कॉन रायगढ़ प्रचार केंद्र पिछले तीन वर्षों से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को अनूठे और भव्य तरीके से मना रहा है। हर वर्ष इस आयोजन के प्रति श्रद्धालुओं का उत्साह और सहभागिता बढ़ती जा रही है। बीते वर्ष करीब 10 हजार श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव में शामिल हुए थे। भक्तों की बढ़ती आस्था और उत्साह को देखते हुए इस बार आयोजन को और भी व्यापक बनाया गया है। इस वर्ष ओडिशा से भक्तों की विशेष मंडली रायगढ़ पहुंच रही है। इसके अलावा प्रदेश के अलग-अलग स्थानों से भी बड़ी संख्या में भक्त शामिल होंगे, जिनका जुड़ाव कृष्ण भावनामृत आंदोलन के प्रचार-प्रसार से है। इस्कॉन के ब्रह्मचारी एवं दीक्षित भक्त भी विशेष रूप से आयोजन में शामिल होंगे। उनके सान्निध्य में हरिनाम संकीर्तन, पूजा-पाठ एवं विभिन्न आध्यात्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे।
इस्कॉन की ओर से अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से तीन दिवसीय महामहोत्सव में शामिल होने की अपील की गई है। खास तौर पर 6 सितंबर के सार्वजनिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आयोजकों के अनुसार इस दिन 10 हजार से अधिक लोगों के आने का अनुमान है।
महामहोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए बुधवार शाम पल्लवी महल स्थित इस्कॉन प्रचार केंद्र में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आयोजन की व्यवस्थाओं, विभिन्न कार्यक्रमों, श्रद्धालुओं की सहभागिता, बाहर से आने वाले भक्तों एवं अतिथियों के आगमन तथा धार्मिक आयोजनों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। आयोजन को व्यवस्थित, सुरक्षित और भव्य बनाने के लिए विभिन्न जिम्मेदारियां भी तय की गईं।

4 सितंबर से शुरू होगा भक्ति का महापर्व
महामहोत्सव का शुभारंभ 4 सितंबर को जन्माष्टमी के अवसर पर होगा। सुबह 10 बजे से भक्तों एवं बच्चों के लिए चित्रकला, रंगोली, निबंध, प्रश्नोत्तरी और क्राफ्ट सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। बच्चों के उत्साह और प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतियोगिताओं में विशेष पुरस्कार भी दिए जाएंगे। सभी प्रतियोगिताएं भक्तों के लिए निःशुल्क रहेंगी।
शाम 5 बजे से जन्माष्टमी महामहोत्सव का भव्य आयोजन होगा। कार्यक्रम का आयोजन इस्कॉन प्रचार केंद्र, जगन्नाथ मंदिर के पास, पल्लवी महल, राजा पारा, रायगढ़ में किया जाएगा। भगवान श्रीकृष्ण के पावन प्राकट्य की बेला में भजन, संकीर्तन, पूजा-अर्चना और आध्यात्मिक कार्यक्रमों से पूरा वातावरण कृष्णमय होगा।
वहीं 5 सितंबर को नंद उत्सव एवं इस्कॉन के संस्थापक आचार्य श्रील प्रभुपाद जी व्यास पूजा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम शाम 4 बजे से इस्कॉन प्रचार केंद्र में होगा। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के आनंद को नंदोत्सव के रूप में मनाने के साथ श्रील प्रभुपाद जी के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता और भक्ति अर्पित की जाएगी।

10 हजार लोगों के आने की संभावना
महामहोत्सव के अंतिम दिन 6 सितंबर को कार्यक्रम का आयोजन अंश इंटरनेशनल होटल, रायगढ़ में होगा। यह सार्वजनिक कार्यक्रम होगा और इसमें 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के शामिल होने का अनुमान है। कार्यक्रम दोपहर 3:30 बजे से प्रारंभ होगा।
इसमें बाल महोत्सव, विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, नाट्य मंचन, पुरस्कार वितरण, भजन संध्या, हरिनाम संकीर्तन और अन्य आध्यात्मिक आयोजन होंगे। बच्चों की प्रतिभा और सहभागिता को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण का विशेष महाभिषेक एवं महाआरती भी होगी। इसके बाद सभी भक्तों के लिए महाप्रसाद की व्यवस्था रहेगी।
भक्ति संगीत और हरिनाम संकीर्तन के बीच जब हजारों कंठों से एक साथ ‘हरे कृष्ण, हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण, हरे हरे’ का महामंत्र गूंजेगा, तब रायगढ़ का वातावरण भक्तिरस से सराबोर होने का अनुपम दृश्य देखने को मिलेगा। ओडिशा सहित देश-प्रदेश के विभिन्न स्थानों से आने वाले भक्तों की सहभागिता इस आयोजन को और विशेष बनाएगी।

संस्कृति, संस्कार और भक्ति का संगम
इस्कॉन प्रचार केंद्र रायगढ़ के प्रभारी एवं इस्कॉन रायपुर के मुख्य पुजारी मिथिलापति प्रभु जी ने बताया कि इस्कॉन का यह आयोजन केवल जन्माष्टमी उत्सव तक सीमित नहीं है, बल्कि सनातन संस्कृति, भक्ति और संस्कारों को नई पीढ़ी से जोड़ने का प्रयास भी है। बच्चों के लिए प्रतियोगिताओं से लेकर युवाओं और परिवारों के लिए सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों तक, महामहोत्सव में हर वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रेम, भक्ति, करुणा और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश भी देता है। इसी भावना के साथ इस वर्ष भी रायगढ़ को कृष्ण भक्ति से सराबोर करने की तैयारी है।
इस्कॉन प्रचार केंद्र ने रायगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे परिवार सहित तीनों दिन के कार्यक्रमों में शामिल हों और भगवान श्रीकृष्ण के पावन प्राकट्य उत्सव में सहभागी बनकर भक्ति एवं पुण्य के भागीदार बनें।