जिसे बिल्ली का बच्चा समझकर गांव के बच्चे गोद में उठा कर खेल रहे थे, वो दरअसल जंगल का खूंखार शिकारी था। ग्रामीणों क़ो जब हकीकत का ज्ञान हुआ तो पुरे गांव में दहशत फैल गई l दरअसल जगदलपुर के मिचनार गांव में तेंदुए के 2 शावक गांव के बच्चों के बीच पहुंच गए और मासूम बच्चे उन्हें बिल्ली का बच्चा समझकर उनके साथ खेलने लगे। वीडियो वायरल हुआ तो वन विभाग के भी होश उड़ गए, क्योंकि शावकों के आसपास कहीं न कहीं उनकी मां की भी मौजूद थी। इसके बाद वन विभाग ने शुरू किया 48 घंटे का ऑपरेशन। इलाका निगरानी में लिया गया, शावकों को सुरक्षित रखा गया और उनकी मां की गतिविधियों पर नजर रखी गई। ट्रैप कैमरे लगाए गए ताकि मादा तेंदुए की मौजूदगी और उसके मूवमेंट का पता लगाया जा सके। आखिरकार कैमरे में मादा तेंदुआ नजर आई और फिर इंतजार था उस पल का जब मां अपने बच्चों तक पहुंचे। वन विभाग की निगरानी में शावकों को उनकी मां से मिलाया गया।यानी 48 घंटे की मशक्कत के बाद ऑपरेशन कामयाब हुआ और जंगल का परिवार फिर एक हो गया। इस पुरे घटनाक्रम में गांव वालों को सतर्क कर दियागया था तथा मादा तेंदुए की मौजूदगी की खबर फैलते ही मिचनार के लोगों ने गांव में सूचना जारी कर दी। वहीं बाहरी लोगों के गांव में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया था ताकि तेंदुए और इंसानों के बीच किसी तरह का टकराव न हो।
