छत्तीसगढ़ी संगीत जगत के जाने-माने लोकप्रिय गायक, संगीतकार, अभिनेता और लाइव परफॉर्मर नितिन दुबे ने अपने छत्तीसगढ़ी संगीत सफर के 25 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस खास अवसर पर उनका नया गीत “मनमोहिनी हे गांव के गोरिया 2” लगातार दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है और चारों तरफ जबरदस्त लोकप्रियता हासिल कर रहा है। यह गीत केवल एक नया रिलीज नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ी संगीत इतिहास में दर्ज होने वाला एक भावनात्मक और ऐतिहासिक अध्याय बन चुका है।
खास बात यह है कि “मनमोहिनी हे गांव के गोरिया” का पहला संस्करण 3 अप्रैल 2001 को रिलीज हुआ था। इसी गीत से नितिन दुबे ने अपने छत्तीसगढ़ी संगीत सफर की शुरुआत की थी। अब ठीक 25 साल बाद, 3 अप्रैल 2026 को उसी गीत का पार्ट 2 रिलीज किया गया।
छत्तीसगढ़ी संगीत जगत और भारतीय क्षेत्रीय संगीत इतिहास में यह एक बेहद दुर्लभ रिकॉर्ड माना जा रहा है, जब किसी गीत का दूसरा भाग उसके पहले रिलीज की ठीक 25वीं वर्षगांठ पर उसी दिन रिलीज किया गया हो।
ऑडियो कैसेट से डिजिटल प्लेटफॉर्म तक का ऐतिहासिक सफर
नितिन दुबे उन चुनिंदा कलाकारों में शामिल हैं जिन्होंने छत्तीसगढ़ी संगीत के बदलते हर दौर को बेहद करीब से जिया है। उन्होंने ऑडियो कैसेट के दौर से अपनी शुरुआत की, फिर ऑडियो सीडी, वीसीडी और डीवीडी के समय में दर्शकों के दिलों पर राज किया और आज यूट्यूब, ऑडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स, इंस्टाग्राम रील्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के दौर में भी उनकी लोकप्रियता लगातार बनी हुई है।
एक ऐसा कलाकार जिसने तीन अलग-अलग पीढ़ियों के संगीत माध्यमों में खुद को स्थापित किया हो, वह अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। यही कारण है कि नितिन दुबे को आज छत्तीसगढ़ी संगीत जगत के सबसे सफल और लोकप्रिय कलाकारों में गिना जाता है।
नितिन दुबे के नाम दर्ज हैं कई बड़े रिकॉर्ड
नितिन दुबे के नाम छत्तीसगढ़ी संगीत जगत में कई बड़े रिकॉर्ड दर्ज हैं। वे छत्तीसगढ़ के सबसे ज्यादा सब्सक्राइबर वाले गायक हैं। साथ ही वे यूट्यूब पर सबसे ज्यादा देखे जाने वाले छत्तीसगढ़ी गायक भी हैं। हजारों लाइव स्टेज शो और लगातार सुपरहिट गीतों ने उन्हें प्रदेश ही नहीं बल्कि देश-विदेश में रहने वाले छत्तीसगढ़ी दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया है।
उनके कई गीत आज भी सदाबहार और कालजयी माने जाते हैं। इनमें “हाय मोर चांदनी”, “रायगढ़ वाला राजा”, “चंदा रे”, “का तैं रूप निखारे चंदैनी”, “हाय रे मोर कोचईपान”, “दिल दे दे दुरुगवाली”, “हाय रे मोर नीलपरी”, “गोंदा तोला रे”, “हाय रे मोर मुंगाकाड़ी”, “तोर बरात”, “हाय रे मोर मंदाकिनी”, “बर्बाद कर देहे मोला”, “चांदनी 2”, “बर्बाद 2” जैसे अनेक गीत शामिल हैं, जिन्हें आज भी दर्शकों द्वारा बेहद पसंद किया जाता है।
7 साल की उम्र से मंच पर सक्रिय, देशभर में दे चुके हैं हजारों प्रस्तुतियाँ
नितिन दुबे बचपन से ही संगीत और मंचीय प्रस्तुतियों से जुड़े रहे हैं। उन्होंने लगभग 7 वर्ष की उम्र से मंच पर गाना शुरू कर दिया था और 1988 से लगातार लाइव परफॉर्मेंस देते आ रहे हैं। मंचीय गायन के क्षेत्र में उन्हें लगभग 37 वर्षों से अधिक का अनुभव हो चुका है।
अपने लंबे संगीत सफर में नितिन दुबे अब तक 3000 से ज्यादा लाइव स्टेज शो कर चुके हैं। छत्तीसगढ़ के अलावा देश के कई अलग-अलग राज्यों में आयोजित बड़े संगीत महोत्सवों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और लाइव कॉन्सर्ट्स में भी उन्होंने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीता है।
हालांकि वे बचपन से ही मंचीय गायन में सक्रिय रहे हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ी संगीत और रिकॉर्डिंग की दुनिया में उन्होंने अपने सफर की शुरुआत वर्ष 2001 से की थी। अब वर्ष 2026 में उन्होंने छत्तीसगढ़ी संगीत जगत में अपने 25 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इसी उपलक्ष्य में 3 अप्रैल 2026 को उन्होंने अपना नया गीत “मनमोहिनी हे गांव के गोरिया 2” यूट्यूब एवं समस्त ऑडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर विश्वभर में रिलीज किया, जिसे दर्शकों का जबरदस्त प्यार मिल रहा है। यह गीत सोशल मीडिया, यूट्यूब शॉर्ट्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
“मनमोहिनी 2” बना लोगों की यादों का एहसास
“मनमोहिनी हे गांव के गोरिया 2” आज केवल एक गीत नहीं, बल्कि लाखों लोगों की पुरानी यादों और भावनाओं से जुड़ा एक एहसास बन चुका है। सोशल मीडिया, यूट्यूब शॉर्ट्स और इंस्टाग्राम रील्स पर लोग इस गीत को अपने बचपन और पुराने दिनों की यादों से जोड़कर देख रहे हैं। कमेंट्स में लगातार लोग लिख रहे हैं कि यह गीत उन्हें उनके जीवन के पुराने खूबसूरत पलों की याद दिला रहा है।
संगीत की दृष्टि से भी यह गीत बेहद खास माना जा रहा है। “मनमोहिनी हे गांव के गोरिया 2” में क्लासिकल सरगम और वेस्टर्न यूडलिंग का अनोखा संगम देखने को मिला है, जिसे दर्शकों और संगीत प्रेमियों द्वारा खूब सराहा जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, छत्तीसगढ़ी संगीत में इस तरह का प्रयोग बेहद दुर्लभ माना जाता है।
25 साल बाद भी उसी गीत का उसी तारीख पर लौटना और दर्शकों से भरपूर प्यार मिलना यह साबित करता है कि सच्चा संगीत कभी पुराना नहीं होता। “मनमोहिनी हे गांव के गोरिया 2” आज केवल एक गीत नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ी संगीत इतिहास की एक यादगार कहानी बन चुका है।

