raigarh । तमनार चौक से पूंजीपथरा जाने वाले पगडंडी मार्ग पर मिली अधेड़ महिला की जली हुई लाश के अंधे कत्ल का खुलासा करते हुए पूंजीपथरा पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है।
17 जून को मायाराम सालिकराम क्रेशर के पास तमनार चौक से पूंजीपथरा जाने वाले पगडंडी मार्ग पर एक अधेड़ महिला का शव जली हुई अवस्था में मिला था। शव के आसपास घसीटने के निशान भी पाए गए थे। पूंजीपथरा पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को मरच्युरी में सुरक्षित रखवाया तथा घटनास्थल से कपड़े और अन्य साक्ष्य सुरक्षित कर अज्ञात आरोपी के विरुद्ध बीएनएस की धारा 103(1), 238 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई थी । मामले में सबसे बड़ी चुनौती मृतिका की पहचान और अज्ञात आरोपी तक पहुंचना था, जिसे पूंजीपथरा पुलिस ने तकनीकी, वैज्ञानिक और मानवीय सूचना तंत्र के समन्वय से सुलझा लिया।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण कर थाना प्रभारी पूंजीपथरा को मृतिका की पहचान और अज्ञात आरोपी की पतासाजी के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निर्देशों के पालन में पुलिस टीम द्वारा मृतिका के फोटो और वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म एवं स्थानीय औद्योगिक इकाइयों में प्रसारित किए गए। इसी दौरान लक्ष्मी कॉलोनी में किराए के मकान में रहने वाला इमिलीयूस तिग्गा और उसके साथ रहने वाली महिला के कुछ दिनों से गायब होने की जानकारी मिली। वहीं सोशल मीडिया में प्रसारित फोटो और वीडियो देखकर ग्राम बोरो, जिला जशपुर से दो युवक पहुंचे, जिन्होंने घटनास्थल से बरामद कपड़ों और शव की पहचान अपनी मां *मंगरिता एक्का (60 वर्ष) निवासी ग्राम बोरो, जिला जशपुर के रूप में की। उन्होंने बताया कि मृतिका पूंजीपथरा क्षेत्र में मजदूरी का कार्य करती थी। पुलिस ने संदेही इमिलीयूस तिग्गा के संबंध में जानकारी जुटाकर तत्काल पूंजीपथरा पुलिस टीम जशपुर जिले के फरसाबहार क्षेत्र में दबिश दी और आरोपी को हिरासत में लेकर थाना लाया गया । पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पिछले दो वर्षों से एनआर फेरो प्लांट तुमीडीह में मजदूरी करता था। करीब तीन माह पूर्व उसकी पहचान मां शिवा प्लांट में काम करने वाली मंगरिता एक्का से हुई थी। दोनों के बीच प्रेम संबंध स्थापित हो गया और वे पति-पत्नी की तरह पूंजीपथरा के लक्ष्मी कॉलोनी में किराए के मकान में रह रहे थे। आरोपी ने बताया कि मृतिका अक्सर उस पर दूसरी पत्नी रखने का शक कर विवाद करती थी। 17 जून को मंगरिता एक्का घर जाउंगी कहकर थैला में कुछ कपड़ा, पानी बाटल लेकर निकली। इमिलीयूस तिग्गा भी मकान मालिक को दो-तीन दिन के लिए गांव जा रहे हैं कहकर उसके पीछे पीछे निकला । रास्तें में दोनों महुआ पेड़ के नीचे बैठकर शराब पी रहे थे कि पिछली बातों को लेकर विवाद बढ़ने पर इमिलीयूस ने मंगरिता की साड़ी से गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को झाड़ियों में छिपा दिया और पास के पेट्रोल पंप से पेट्रोल खरीदकर शाम को शव को घसीटकर क्रेशर डस्ट के ढेर के पास ले गया तथा पहचान छिपाने के उद्देश्य से पेट्रोल डालकर आग लगा दी।
