प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के सौजन्य से राजधानी रायपुर के विमतरा सभा हाल में सतनामी समाज का एकदिवासीय सतनामी सामाजिक सम्मेलन का आयोजन किया गया था। सामाजिक पदाधिकारी एवं प्रबुद्ध जनों की उपस्थिति में बाबा गुरु घासीदास जी के छायाचित्र पर पूजा अर्चना करके कार्यक्रम कर शुभारंभ किया गया। प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के पदाधिकारी द्वारा सभा हाल में आगंतुक समाज प्रमुखों का तिलक चंदन लगाकर सभी का स्वागत अभिनंदन किया गया। श्री एल एल कोसले प्रदेश अध्यक्ष प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज द्वारा समाज में एकीकरण एवं समन्वय हेतु तथा समाज में जन्म संस्कार विवाह संस्कार एवं मृत्यु संस्कार में सतनामी समाज के रीति रिवाज पर आंशिक संशोधन एवं आधुनिक समय में उनकी उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए 15 बिंदुओं पर सामाजिक सुधार के लिए प्रस्ताव को रखा गया। उन्होंने सामाजिक रीति नीति सामाजिक एकीकरण के साथ ही साथ बलोदा बाजार मामला में समाज की निर्दोष लोगों के प्रकरण के निराकरण शासन स्तर पर करने के संबंध में बात रखें। प्रदेश अध्यक्ष के उपरांत समाज के विभिन्न क्षेत्रों से आए हुए समाज प्रमुखों से समाज सुधार एवं सामाजिक एकीकरण के संबंध में विचार आमंत्रित किया गया जिसमें बड़ी-बड़ी से विभिन्न जिलों के प्रतिनिधियों ने प्रगति सेल के इस प्रयास को समाज के विकास के लिए भविष्य के लिए मेल का पठार बताते हुए सभी 15 बिंदुओं पर सहमति व्यक्त करते हुए समाज में एकीकरण और रीति नीति में आवश्यक सुधार करने की बात किया। समाज प्रमुखों के साथ ही साथ गुरु आसम दासजी एवं छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री दयालदास बघेल अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं विधायक डोमन लाल कोर्सेवाडा,पूर्व मंत्री डॉक्टर शिव कुमार डहरिया, पूर्व सांसद गोविंद राम मिरी पूर्व सांसद पी आर खूंटे, श्रीमती कमला पाटले पूर्व विधायक एवं अजा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ सनम जांगड़े, पूर्व संसदीय सचिव चन्द्रदेव राय,पूर्व विधायक संजय ढीढी,कामदा जोलहे श्रीमती पदमा मनहर, गोरेलाल बर्मन, आर पी भतपहरी, बेदराम मनहरे, बीरेंद्र ढीढी,श्रीमती पार्वती ढीढी, बी एल कुर्रे, एड चन्द्रप्रकाश जांगड़े, रेशम कुर्रे, राजमहंत दशेराम खांडे,अग्र लाल जोशी, सहित प्रमुख पदाधिकारियो ने सामाजिक सम्मेलन में अपने विचार रखे। सभी वक्ताओं ने सामाजिक एकीकरण हेतु प्रदेश के सामाजिक संगठनों में समन्वय बनाकर एकजुटता से कार्य करने एवं रीतिनीति में कुछ संशोधनों के साथ 15 बिन्दुओं के प्रस्ताव को समाज में अमल करने का आह्वान किया। माननीय श्री दयाल दास बघेल ने सामाजिक एकता पर बल देते हुए कहा कि जब समाज है तब हम लोग हैं।समाज सर्वोपरी हैं। बाबा साहब डॉ अम्बेडकर के संविधान एवं समाज के आशीर्वाद से हम लोग मंत्री सांसद विधायक हैं। समाज की शिक्षा, स्वरोजगार पर विशेष ध्यान देना होगा। जिससे शिक्षित एवं आत्मनिर्भर समाज का निर्माण किया जा सके। नई पीढ़ी के युवाओं को संस्कारवान बनाने की जरूरत है। समाज के युवाओं में नशा की बढ़ती प्रवृत्ति को रोकना पड़ेगा। उन्होंने बलौदा बाजार की घटना से समाज को सबक लेने की जरूरत है। पूर्व मंत्री डॉ शिव कुमार डहरिया ने दलगत भावना से ऊपर समाज हित में कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने सामाजिक एकता पर बल देते हुए कहा कि समाज के लोग स्वयं आत्मनिर्भर होंगे तो समाज आत्म निर्भर होगा। हमें रोजगार मांगने वाल नहीं रोजगार देने वाला समाज बनाना है। समाज के प्रतिभावान आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को सहयोग कर उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने की बात कहा। डॉ सनम जांगडे एवं कमाल पाटले ने समाज में हो रहे धर्म परिवर्तन की ज्वलंत समस्या को रोकने तथा ऐसे लोगों को चिन्हांकित कर समाज की मुख्य धारा में जोड़ने का प्रयास किया जय। अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डोमन लाल कोर्सेवाडा विधायक अहिरवार ने बेहतर आयोजन के लिए प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के प्रदेश अध्यक्ष एवं पदाधिकारी को धन्यवाद देते हुए । सभी प्रस्ताव का समर्थन किया। उन्होंने सामाजिक एकीकरण समन्वय स्थापित करने का आह्वान करते हुए कहा कि मैं हमेशा समाज हित में कार्य करता हूं। आगे भी समाज के लिए कार्य करता रहूंगा। हमें दलगत भावना से उपर उठकर हित मे काम करेंगे।समाज हितार्थ इन बिंदु पर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया एवं प्रस्ताव पारित हुए जिसमें 1. सामाजिक कार्यक्रमों में गुरु घासीदास जी की आरती में एकरूपता हो जैसे पहले आरती जगमग ज्योति 2. प्रत्येक सोमवार को जैतखाम या गुरुद्वारा में गुरु वंदना अनिवार्य रूप से किया जाए 3. सामाजिक कार्यक्रमों में सफेद वस्त्र धारण कर आना अनिवार्य होगा 4. छत्तीसगढ़ में गुरु घासीदास बाबा जी की जयंती 18 दिसंबर को ही मनाया जाना चाहिए कार्यक्रम में सतनाम भजन , पंथी चौका आरती का ही आयोजन होना चाहिए पूर्ण नाच गाना पूर्ण रूप से वर्जित हो 5. सामाजिक एकजुट के लिए प्रदेश एवं जिलों में क्रियाशील सामाजिक संगठनों से एकीकरण एवं समन्वय स्थापित कर समाज हितार्थ कार्य करने का निर्णय 6. किसी भी सामाजिक कार्यक्रम आयोजन में नशापन, तामसी भोजन वर्जित होगी 7. जन्म, विवाह और मृत्यु संस्कार के रीति रिवाज में समाज में फैली कुर्तियां को दूर करने के लिए नियमावली बनेगी 8. विवाह और सगाई में एक निश्चित संख्या जाने पर सहमति 9. आदर्श विवाह को प्रोत्साहित किया जाना अनिवार्य होगी 10. समाज के सलाह पश्चात ही जैतखाम का स्थापना किया जाएगा ,विवाद की स्थिति से बचने का प्रयास करना होगा 11. मृत्यु पर कफन कपड़ा सिर्फ परिवार वाले ही लेंगे बाकी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा आर्थिक सहयोग किया जाना जरूरी है 12. मृत्यु भोज पूर्णत प्रतिबंध समर्थ के अनुसार सादा भोजन कराया जा सकता है 13. समाज में हो रहे अंतर जाति विवाह समाज के लिए गंभीर समस्या बन गई है इस पर निराकरण का मिलजुलकर प्रयास किया जाएगा 14. विवाह विच्छेद या सामाजिक विवाद समाज स्तर पर ही निराकरण किया जाएगा 15. प्रतिवर्ष सामाजिक एकजुट और समन्वय हेतु वार्षिक सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा । इसके अतिरिक्त और भी महत्वपूर्ण सुझाव आए हैं उसको भी सम्मिलित किया जाएगा। कार्यक्रम का सफल संचालन महासचिव मोहन बंजारे, सह सचिव दिनेश बंजारे ने किया आभार प्रदर्शन प्रदेश प्रवक्ता राजमहंत प्यारेलाल कोसरिया सतनाम पंथ तपोभूमि गिरौदपुरी धाम द्वारा किया गया। जय सतनाम।

