स्टेशनों की चमक-दमक पर सरकार भले ही विकास का दावा कर रही हो, लेकिन CAG की रिपोर्ट उन दावों पर सवाल खड़े करती है l करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद अगर यात्री पानी, शौचालय, बैठने और शेड जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान हैं तो सवाल यही है, क्या रेलवे का विकास सिर्फ दिखावे तक सीमित है l छत्तीसगढ़ में रेलवे स्टेशनों के कायाकल्प की तस्वीरें लगातार सामने आ रही हैं l अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, रायगढ़, चांपा समेत कई स्टेशनों को आधुनिक बनाया जा रहा है,लेकिन कैग की रिपोर्ट ने इसी चमकदार तस्वीर के पीछे यात्री सुविधाओं की गंभीर कमी उजागर की है l दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे यानी SECR का डिफिशिएंसी स्कोर देश के 17 जोन में सबसे ज्यादा है l
कॉम्पट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ऑफ इंडिया ने देश के 512 गैर-उपनगरीय स्टेशनों का ऑडिट किया, जिसमें 458 यानी करीब 89 फीसदी स्टेशनों पर न्यूनतम यात्री सुविधाओं में कमी मिली l पीने का पानी, बैठने की व्यवस्था, शौचालय, प्लेटफॉर्म शेड और पंखे जैसी बुनियादी सुविधाएं भी कई जगह अधूरी हैं l SECR के ऑडिट सैंपल में रायपुर, दुर्ग, भाटापारा, बिलासपुर, चांपा और रायगढ़ जैसे स्टेशन शामिल रहे l रिपोर्ट के मुताबिक 2019-20 से 2023-24 के बीच यात्री सुविधाओं के लिए मिले बजट का करीब 42 फीसदी खर्च ही नहीं हो पाया l रिपोर्ट में SECR का डिफिशिएंसी स्कोर 106.6 रहा, जो देश के 17 रेलवे जोन में सबसे ज्यादा है l जोन में यात्री सुविधाओं से जुड़े 395 कामों की समीक्षा में 59 फीसदी काम तय समय से पीछे मिले l दरअसल स्टेशन के नए भवन और आधुनिक डिजाइन की तस्वीर के साथ बुनियादी सुविधाओं की यह तस्वीर भी सामने रखना जरूरी है l रेलवे अधिकारियों का कहना है रेलवे का फोकस सिर्फ पुराने स्टेशन को रंग-रोगन करने पर नहीं बल्कि उन्हें आधुनिक यात्री सुविधाओं से लैस करने पर है l अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत नए भवन, बेहतर प्लेटफॉर्म, लिफ्ट, एस्केलेटर, वेटिंग एरिया और अन्य सुविधाओं पर काम चल रहा है l रेलवे का कहना है कि कई परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं और काम पूरा होने के बाद यात्रियों को पहले से बेहतर सुविधाएं मिलेंगी l मतलब रेल प्रशासन के मुताबिक तस्वीर बदलने की कोशिश जारी है l दुसरी ओर CAG की रिपोर्ट कुछ औऱ ही कह रही है l
ये है CAG की विस्तृत रिपोर्ट का सार
SECR का सबसे खराब प्रदर्शन
- देश के 17 रेलवे जोन में SECR सबसे पीछे
- डेफिशिएंसी स्कोर: 106.6 (देश में सबसे खराब)
- ऑडिट में शामिल स्टेशन: रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, रायगढ़, चांपा, भाटापारा, भिलाई पावर हाउस
बुनियादी सुविधाओं का संकट
- देश में कुल जांचे गए स्टेशन: 512
- सुविधाओं में फेल स्टेशन: 458 (89% से ज्यादा)
- प्रमुख कमियां: पीने का पानी, शौचालय, बैठने की जगह, शेड, पंखे और वाटर कूलर
बजट था, फिर भी काम नहीं
- कुल आवंटित बजट: 47,000 करोड़ से ज्यादा (5 साल में)
- बिना खर्च का फंड: 42% (राशि इस्तेमाल नहीं हुई)
- हर साल 36% से 44% बजट खर्च किए बिना लौटाया
- CAG की टिप्पणी: समस्या फंड की नहीं, खराब प्लानिंग और एग्जीक्यूशन की
तय समय पर काम नहीं
- कुल रिव्यू किए गए प्रोजेक्ट: 395
- समय से पीछे चल रहे काम: 59% प्रोजेक्ट्स (1 से 4 साल की देरी)
- समय पर पूरे हुए काम: सिर्फ 41%
- देरी की वजह: खराब प्लानिंग, कुशल लेबर की कमी, ठेकेदारों की नाकामी
पीने के पानी पर बड़ा खुलासा
- 2023-24 में 139 स्टेशनों पर क्लोरीन की मात्रा तय सीमा से बाहर
- 63 स्टेशनों पर 50% से ज्यादा सैंपल्स मानकों में फेल
- 2023-24 में 56 स्टेशनों के नलों में मिला खतरनाक कोलीफॉर्म बैक्टीरिया
- पानी की रेगुलर सैंपलिंग और जांच व्यवस्था ठप
2021 से 2026 तक SECR को मिले बजट की जानकारी
- 2021–22 - ₹5,050 करोड़, ट्रैक नवीनीकरण, सिग्नलिंग एवं आधारभूत संरचना विकास कार्य।
- 2022–23 -₹8,063 करोड़, मल्टी-ट्रैकिंग, विद्युतीकरण एवं नई लाइनों के लिए ऐतिहासिक वृद्धि
- 2023–24- ₹6,007 करोड़, नई लाइन बिछाने, सुरक्षा सुधार और रोलिंग स्टॉक आधुनिकीकरण
- 2024–25 - ₹6,922 करोड़, अमृत भारत स्टेशन योजना, फ्लाईओवर्स और तीसरी/चौथी लाइन परियोजनाएं
- 2025–26 - ₹6,925 करोड़, 100% विद्युतीकरण पूर्णता और 32 अमृत स्टेशनों का पुनर्विकास।
- 2026–27 - ₹7,470 करोड़, चांपा-कोरबा तीसरी लाइन एवं औद्योगिक व माल ढुलाई कॉरिडोर विस्तार।
रिपोर्ट में आए तमाम आंकड़ों ने रेलवे की कार्यप्रणाली का सच उजागर कर दिया है... रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा अव्यवस्थाओं से भरा रेलवे जोन वह है जो पूरे देश भर में सर्वाधिक कमाई करके सरकार को देता है l दरअसल दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे पूरे छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक रेवेन्यू जेनरेट करने वाला जोन है l ऐसे में जाहिर सी बात है कि यात्री बेहतर सुविधाओं की ओर देख रहे हैं l उनका कहना है कि स्टेशन विकास का आंकलन सिर्फ भवन और सौंदर्यीकरण से न हो बल्कि यात्रियों को साफ पानी, पर्याप्त शौचालय, बैठने की जगह, शेड और सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं नियमित रूप से मिले औऱ इसकी निगरानी जरूरी है l
