रायगढ़ l शहर के हृदय स्थल में स्थित ऐतिहासिक रामलीला मैदान के जीर्णोद्धार का रास्ता आखिरकार साफ हो गया है। विधायक बनने के ढाई साल बाद वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी के प्रयासों से नगरीय प्रशासन विभाग ने रामलीला मैदान के विकास के लिए 5 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है, जिसके टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में कार्य में तेजी आएगी रामलीला मैदान केवल एक मैदान नहीं, रायगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा है। इस मैदान में तीन दशक से भी अधिक समय से चक्रधर समारोह का आयोजन हो रहा है। कला प्रेमी राजा चक्रधर सिंह जी की स्मृतियों को जीवंत रखने के लिए हर वर्ष आयोजित होने वाले इस समारोह में देश-दुनिया के ख्यातिनाम कलाकार इस मंच की शोभा बढ़ाते हैं। कला के इस मंच से रायगढ़ वासियों का आत्मीय नाता रहा है। जो भी सरकार रही हो, इस मंच पर उनका आगमन सुनिश्चित रहा है। सदियों से यह मैदान रामलीला मंचन का गवाह रहा है। ना जाने कितनी पीढ़ियां यहां खेल कर जवान हुई हैं। राजनीति से जुड़े आयोजन हों या शासकीय कार्यक्रम, हर आयोजन के लिए रामलीला मैदान पहली पसंद रहा है। लेकिन पानी की निकासी नहीं होने और व्यवस्थित विकास नहीं होने से खेल प्रेमी मैदान की दुर्दशा पर आंसू बहाने को विवश थे। समय-समय पर जीर्णोद्धार की मांग उठती रही, लेकिन यह मांग हकीकत में नहीं बदल पाई। ओपी चौधरी के विधायक बनने के बाद इस मांग ने फिर से जोर पकड़ा और अब जाकर 5 करोड़ की बड़ी सौगात मिली है। प्रशासन द्वारा बनाए गए मास्टर साइट प्लान के अनुसार मैदान में स्थित मंच की आधुनिक रूप में विकसित किया जाएगा मैदान में स्थित भव्य स्टेज के साथ दोनों तरफ ड्रेसिंग रूम ग्रीन रुम टॉयलेट बनाए जाएंगे एवं मंच को इस तरह बनाया जायेगा कि बार बार टेंट लगाने की आवश्यकता नहीं होगी। निश्चित तौर पर लगभग 5 करोड़ की इस स्वीकृति के बाद रामलीला मैदान का ऐतिहासिक स्वरूप बरकरार रहते हुए उसे एक नया, आधुनिक और सुविधायुक्त स्वरूप मिलेगा, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए खेल, कला और संस्कृति का संगम बनेगा।
