संपत्ति हड़पने के लिए जीवित महिला का मृत्यु प्रमाण पत्र किया पेश.......जांच में मामले का हुआ खुलासा

रायगढ़ । जमीन हथियाने के लिए अपने जीवित रिश्ते की मामी का मृत्यु प्रमाण पत्र पेश करते हुए नामांतरण आदेश भी करवा लेने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है l वहीं रिकॉर्ड दुरुस्ती के पहले तहसीलदार के संज्ञान में आने पर पुनर्विलोकन में प्रकरण लेकर खारिज कर दिया गया। रायगढ़ जिले में यदि सही जांच की जाय तो इस तरह के सैकड़ों जमीन घोटाले सामने आयेंगे l
राजस्व अभिलेखों से छेड़छाड़ करने के सबसे ज्यादा तरीके रायगढ़ में आजमाए जाते हैं। रायगढ़ तहसील के ग्राम गोवर्धनपुर की एक भूमि का नामांतरण करने के मामले में बड़ी अनियमितता सामने आई है। ग्राम गोवर्धनपुर में 7 अगस्त 2026 को नामांतरण संबंधी एक आदेश पारित किया गया। मूल भूमि स्वामी धनमती उरांव को मृत दर्शाकर उनकी भूमि खनं 9/6 रकबा 0.809 हे. को अपने नाम कराने का प्रयास संजय उरांव ने किया। जबकि धनमती उरांव पति स्व. महेत्तर उरांव निवासी हरदी, थाना चंद्रपुर जीवित हैं। इसके बावजूद संजय उरांव ने धनमती का मृत्यु प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया। उसका दावा था कि मामी धनमती ने जमीन उसे दी है। प्रस्तुत दस्तावेजों और पटवारी प्रतिवेदन के आधार पर एनमती का नाम राजस्व अभिलेख से हटाकर संजय का नाम दर्ज करने का आदेश भी पारित कर दिया लेकिन रिकॉर्ड दुरुस्ती के पहले इसकी जानकारी तहसीलदार को हुई तो उन्होंने एसडीएम से पुनर्विलोकन की अनुमति मांगी।

जांच में सामने आया फर्जी दस्तावेज
     संजय उरांव ने फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर जमीन हासिल करने का प्रयास किया। उक्त भूमि शासकीय पट्टे से प्राप्त आवंटन भूमि है। इसका हस्तांतरण उत्तराधिकारी को ही होगा। संजय उरांव ने राजस्व प्रक्रिया को धोखा देकर जमीन हासिल करने का प्रयास किया। नकली मृत्यु प्रमाण पत्र को राजस्व न्यायालय में पेश कर दिया। इस प्रकरण में तहसीलदार ने आवेदन खारिज करते हुए अब आवेदक के विरुद्ध कार्रवाई का आदेश दिया है। साथ ही मृत्यु प्रमाण पत्र की विस्तृत जांच करने के आदेश दिए हैं।